ठगी में पैसे गए हों तो तुरंत 1930 पर कॉल करें। जितनी जल्दी शिकायत, पैसा रुकने की उतनी ज़्यादा उम्मीद।
Read in English: How to stay safe from scams.
ज़्यादातर ठगी एक ही तरीके से होती है: कोई डर या लालच पैदा करता है, जल्दी मचाता है, और पैसे भेजने, कोई कोड बताने या कोई ऐप डालने को कहता है। यह तरीका पहचान लें, तो कुछ आसान नियमों से लगभग हर ठगी रुक जाती है।
आठ नियम जो ज़्यादातर ठगी रोकते हैं
- OTP, UPI PIN, CVV या पासवर्ड कभी न बताएँ। न बैंक को, न पुलिस को, न डिलीवरी वाले को, न "कस्टमर केयर" को। किसी असली दफ़्तर को इनकी ज़रूरत नहीं होती।
- पैसे लेने के लिए UPI PIN कभी नहीं लगता। PIN डालने से पैसा हमेशा आपके खाते से जाता है।
- दबाव हो तो फ़ोन काट दें। "10 मिनट में पैसे भरो वरना गिरफ़्तारी" या "आज आपका खाता बंद हो जाएगा", यही ठगों की चाल है ताकि आप सोच न सकें।
- वीडियो कॉल पर कोई गिरफ़्तारी नहीं होती। पुलिस, CBI, कस्टम या कोर्ट "डिजिटल अरेस्ट" नहीं करते और केस निपटाने के लिए पैसे नहीं माँगते।
- अनजान के कहने पर कोई ऐप न डालें। स्क्रीन-शेयर और "सपोर्ट" ऐप से वे आपका OTP देख सकते हैं और फ़ोन चला सकते हैं।
- अचानक आए मैसेज के लिंक न खोलें। आधिकारिक ऐप खोलें या वेबसाइट ख़ुद टाइप करें।
- भरोसे वाले नंबर पर ख़ुद कॉल करें, जैसे कार्ड, पासबुक या आधिकारिक वेबसाइट पर दिया नंबर। जिस नंबर से कॉल आई, या सर्च के विज्ञापन वाला नंबर नहीं।
- पैसे भेजने से पहले घरवालों से बात करें। किसी भरोसेमंद से दो मिनट की बात ठग का जाल तोड़ देती है।
खतरे के संकेत
- ऐसा इनाम, लॉटरी, रिफ़ंड या नौकरी जिसके लिए आपने कभी आवेदन नहीं किया।
- कॉल करने वाला आपके बारे में थोड़ा जानता है और उसी से असली लगने की कोशिश करता है।
- घरवालों या बैंक से बात छुपाने को कहा जाए।
- किसी व्यक्ति के नाम पर UPI, गिफ़्ट कार्ड या क्रिप्टो से पैसे माँगे जाएँ।
- "अफ़सर" कॉल को WhatsApp या वीडियो पर ले जाए।
- किसी रिश्तेदार के नए नंबर से जल्दी पैसे भेजने का मैसेज।
पैसे चले गए हों: पहला घंटा
- 1930 पर कॉल करें (राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन), या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें। तुरंत करें: जितनी जल्दी शिकायत, बैंक के पैसा रोक पाने की उतनी ज़्यादा उम्मीद।
- अपने बैंक को कॉल करें, कार्ड या पासबुक पर दिए नंबर पर, और कार्ड, UPI या खाता बंद करवाएँ।
- सबूत रखें: मैसेज के स्क्रीनशॉट, कॉल करने वाले का नंबर, ट्रांज़ैक्शन ID और समय।
- पासवर्ड बदलें: ईमेल, बैंकिंग और UPI ऐप के। ठग ने जो ऐप डलवाया हो, उसे हटा दें।
- घरवालों को बताएँ, ताकि ठग अगला निशाना उन्हें न बना सके।
ठगी वाली कॉल या मैसेज की शिकायत
शक वाली कॉल और SMS की शिकायत सरकार के संचार साथी पोर्टल (sancharsaathi.gov.in, "चक्षु") पर कर सकते हैं, चाहे पैसे न गए हों। इससे ठगों के नंबर बंद करने में मदद मिलती है।
AlertMitra कैसे मदद करता है
AlertMitra आपके राज्य के लिए ठगी की आधिकारिक चेतावनियाँ दिखाता है, हर चेतावनी पर उसके स्रोत का लिंक होता है, ताकि नई चालों का आपको जल्दी पता चले। AlertMitra कभी आपका OTP, PIN या बैंक जानकारी नहीं माँगेगा।
AlertMitra एक स्वतंत्र ऐप है और किसी सरकारी एजेंसी से जुड़ा नहीं है। आपात स्थिति में 112 पर कॉल करें।
स्रोत
- राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल: cybercrime.gov.in, हेल्पलाइन 1930
- संचार साथी (ठगी वाली कॉल और SMS की शिकायत): sancharsaathi.gov.in
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